चारधाम यात्रा 2024: रिकॉर्ड तोड़ संख्या में श्रद्धालुओं ने कराया चारधाम के लिए रजिस्ट्रेशन, जानिए पूरी प्रक्रिया एवं यात्रा के रोचक पहलू
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चारधाम यात्रा 2024: रिकॉर्ड तोड़ संख्या में श्रद्धालुओं ने कराया चारधाम के लिए रजिस्ट्रेशन, जानिए पूरी प्रक्रिया एवं यात्रा के रोचक पहलू

चारधाम यात्रा 2024 का शुभारंभ 10 मई से हो चुका है और इस साल रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया है। मात्र एक हफ्ते में 12.48 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने ऑनलाइन पंजीकरण कराकर इस यात्रा का हिस्सा बनने की इच्छा जताई है। यह पिछले साल के आंकड़ों से कहीं अधिक है, जो दर्शाता है कि इस साल चारधाम यात्रा विशेष रूप से लोकप्रिय है। आइये जानते हैं चारधाम यात्रा से जुडी सभी जरूरी जानकारियां –

यात्रा पंजीकरण :

चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण अनिवार्य है। तीर्थयात्री https://badrinath-kedarnath.gov.in/ https://badrinath-kedarnath.gov.in/ पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। इसके अलावा, वे 91-8394833833 पर कॉल करके या 0135-1364 (टोल-फ्री) पर कॉल करके भी पंजीकरण कर सकते हैं।

कपाट खुलने की तिथियां:

केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री: 10 मई 2024
बद्रीनाथ: 12 मई 2024

यात्रा मार्ग:

चारधाम यात्रा में चार प्रमुख धाम शामिल हैं: केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री। तीर्थयात्री आमतौर पर ऋषिकेश से अपनी यात्रा शुरू करते हैं और फिर इन चारों धामों की यात्रा करते हैं।

प्रत्येक धाम का महत्व:

केदारनाथ: भगवान शिव को समर्पित, हिमालय की ऊंची चोटियों के बीच स्थित
बद्रीनाथ: भगवान विष्णु को समर्पित, अलकनंदा नदी के किनारे स्थित
गंगोत्री: गंगा नदी के उद्गम स्थल के रूप में प्रसिद्ध
यमुनोत्री: यमुना नदी के उद्गम स्थल के रूप में प्रसिद्ध

यात्रा से जुड़ी कुछ रोचक बातें :

केदारनाथ: यहां तीर्थयात्री भगवान शिव के दर्शन के लिए 14 किलोमीटर की कठिन यात्रा करते हैं।
बद्रीनाथ: यहां तीर्थयात्री ‘नारायण दर्शन’ के लिए उत्सुक रहते हैं।
गंगोत्री: गंगोत्री ग्लेशियर से निकलने वाली गंगा नदी को ‘मां गंगा’ के रूप में पूजा जाता है।
यमुनोत्री: यमुनोत्री ग्लेशियर से निकलने वाली यमुना नदी को ‘यमराज की बहन’ माना जाता है।

यात्रा के दौरान:

तीर्थयात्रियों को ऊंचाई की बीमारी से बचने के लिए सावधानी बरतनी चाहिए।
गर्म कपड़े और आरामदायक जूते साथ ले जाना चाहिए।
पर्याप्त मात्रा में पानी और भोजन का इंतजाम करना चाहिए।
स्थानीय नियमों और परंपराओं का सम्मान करना चाहिए।

चारधाम यात्रा हिंदुओं के लिए एक आध्यात्मिक और जीवन बदलने वाला अनुभव हो सकती है। यह यात्रा न केवल तीर्थयात्रियों को भगवान के दर्शन का अवसर प्रदान करती है, बल्कि उन्हें प्रकृति की सुंदरता और भारत की समृद्ध संस्कृति का अनुभव करने का अवसर भी प्रदान करती है।

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